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पिलानिया वंश के लोक देवता देओला दादा

देओला दादा

पिता का नाम – राम सिंह पिलानिया

माता का नाम – राज कौर

समय रेखा (1611 – 1643)

जन्म स्थान – पिलानी

मृत्यु स्थान – झोझू कलान

देओला दादा का जन्म

देओला दादा का जन्म

जन्म स्थान – पिलानी

जन्म – 25 अगस्त 1611 साल.

देओला दादा की वीर था

पिलानिया वंश के लोक देवता देओला दादा हैं। उन्हें गौरक्षक भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने कसाइयों से गायों की रक्षा करते हुए अपने भाइयों के साथ वीरगति प्राप्त की थी।

वीरगति का स्थान – झोझू कलान

वीरगति का समय – 10 जनवरी 1643 साल.

देओला दादा का मंदिर

पिलानिया वंश के लोक देवता देओला दादा का मंदिर झोझू कलान मैं स्थित है।

देओला दादा के मंदिर मैं ओन्की एक 7 फीट लेबी मूर्ति है।

देओला दादा की आरती रोज वाहा होती है।

पिलानिया वंश के लोक देवता देओला दादा

पिलानिया वंश के लोक देवता देओला दादा हैं.

कहानी ~ उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर कसाइयों से गायों की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की. इसी वजह से उन्हें ‘गौरक्षक’ भी कहा जाता है.

देओला दादा (1611 – 1643)

जन्म स्थान – पिलानी (1611)

मृत्यु स्थान – झोझू क्लान (1643)

आयु – 32 वर्ष

झोझू क्लान मैं उनका एक मंदिर भी है.

देओला दादा

पिता का नाम – राम पिलानिया

माता का नाम – राज कौर था.

राम पिलानिया

पत्नी – राजकोर

पुत्र का नाम – देओला दादा

राम पिलानिया की शादी 1591 इसवी मैं हुई थी.

राम पिलानिया की पत्नी का नाम राज कोर था.

जन्म स्थान – पिलानी

मृत्यु स्थान – पिलानी.

राज कौर

पति का नाम – राम पिलानिया

पुत्र का नाम – देओला दादा

राजकोर की शादी 1591 इसवी मैं हुई थी.

जन्म स्थान – कर्पूर कला

मृत्यु स्थान – पिलानी.

हरि सिंह पिलानिया

दलेलगढ़ के राजा दलेल सिंह

जब दलेल सिंह अपने क्षेत्र का विस्तार कर रहे थे, तब सीकर के राव राजा लक्ष्मण सिंह ने उन पर हमला कर दिया। इस युद्ध के दौरान, दलेल सिंह के भाई और नवलगढ़ के शासक उनकी मदद के लिए आए। युद्ध में, हरि सिंह पिलानिया योद्धा ने असाधारण वीरता के साथ लड़ते हुए दलेलगढ़ के किले को बचाया और इस संघर्षों में वो शहीद हो गए.

देओला दादा का मेला भाद्रपद की चतुर्दशी शुक्ल पक्ष को लगता है |

देओला दादा का मेला भाद्रपद की चतुर्दशी शुक्ल पक्ष को लगता है |

झोझू क्लान उनका एक मंदिर भी है.

मेले का साथन झोझू क्लान ओन्का मेला लगता है.

समय : भाद्रपद की चतुर्दशी शुक्ल पक्ष को लगता है.

पूजा : मेले के समये ओन्की जोरो सोरो से पूजा होती है और भक्त अपनी श्रद्धा से ओन्की जोरो सोरो से आरती करते हैं.

देओला दादा की घोड़ी का नाम रामप्यारी था |

देओला दादा की घोड़ी के बारे में जानकारी :

देओला दादा की घोड़ी का नाम रामप्यारी था |

देओला दादा को यह घोड़ी ओन्के पिता राम पिलानिया ने दिथी |

ओन्की घोड़ी का रंग सफेद था |

वीर देओला दादा महाराज

नाम – वीर देओला दादा महाराज

घोड़ी का नाम – रामप्यारी

मंदिर – झोझू कलान

मेला – भाद्रपद की चतुर्दशी शुक्ल पक्ष को लगता है.

कहानी – उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर कसाइयों से गायों की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की. इसी वजह से उन्हें ‘गौरक्षक’ भी कहा जाता है.

जीवन समयरेखा : 1611 – 1643

आयु – 32 वर्ष

वंश – पिलानिया

जाति – जाट

साम्राज्य – ऊंचागांव

वर्ण – क्षत्रिय

धर्म – हिंदू

Sutot

Sutot Riyast

Ruling family – Pilania

Rulers ~

Raja Hari Ram Pilania

Raja Man Singh Pilania

Raja Ranjit Singh Pilania

Raja Sher Singh Pilania

Raja Ram Singh Pilania

Raja Bhim Singh Pilania

Raja Nahar Singh Pilania

Raja Fateh Singh Pilania

Bahanpur

Bahanpur Riyast

Ruling family – Pilania

Rulers ~

Raja Pratap Singh Pilania

Raja Jai Singh Pilania

Raja Tara Singh Pilania

Raja Jagat Singh Pilania

Raja Surendra Singh Pilania

Sureti Pilania

Sureti Pilania Riyast

Ruling family – Pilania

Rulers ~

Raja Laxman Singh Pilania

Raja Amar Singh Pilania

Raja Sujan Singh Pilania

Raja Inder Singh Pilania

Raja Dyaram Singh Pilania

वीर देओला दादा महाराज का मुख्य हथियार भाला था |

वीर देओला दादा महाराज

मुख्य हथियार – भाला

घोड़ी का नाम – रामप्यारी

पिता का नाम – राम पिलानिया

माता का नाम – राज कौर

गुरु का नाम – पीरू राम

वंश – पिलानिया

वर्ण – क्षत्रिय

जाति – जाट

धर्म – हिंदू

वीर देओला दादा पिलानिया

वीर देओला दादा पिलानिया

देओला दादा

पिता का नाम – राम सिंह पिलानिया

माता का नाम – राज कौर

समय रेखा (1611 – 1643)

जन्म स्थान – पिलानी

मृत्यु स्थान – झोझू कलान

देओला दादा की घोड़ी का नाम रामप्यारी था |
देओला दादा की घोड़ी के बारे में जानकारी :

देओला दादा की घोड़ी का नाम रामप्यारी था |

देओला दादा को यह घोड़ी ओन्के पिता राम पिलानिया ने दिथी |

ओन्की घोड़ी का रंग सफेद था |

[[File:राम प्यारी.jpg|thumb|Ram Pyari]]

PilaniaKing (talk) 11:54, 16 November 2025 (UTC)[reply]

Ram Pyari

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